प्रोग्रेसिव पार्टी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता मूल
वेतन में जोड़ने और सातवें वेतन आयोग के गठन की मांग की है। पार्टी के अध्यक्ष
जगदीश ममगाईं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई में केंद्र सरकार के 2.5 करोड़ कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिश नाकाफी साबित हो रही
हैं। 80 पर्सेंट तक पहुंच चुके महंगाई भत्ते को मूल वेतन में
शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में साफ है कि हर पांच साल में इसकी समीक्षा की जाएगी और महंगाई भत्ता 50 पर्सेंट से ज्यादा होने पर इसे मूल वेतन में शामिल किया जाएगा। ममगांई ने कहा कि कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 करना बेहतर कदम होगा, लेकिन कहीं यह कहीं चुनावी शगूफा न साबित हो ।
उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में साफ है कि हर पांच साल में इसकी समीक्षा की जाएगी और महंगाई भत्ता 50 पर्सेंट से ज्यादा होने पर इसे मूल वेतन में शामिल किया जाएगा। ममगांई ने कहा कि कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 करना बेहतर कदम होगा, लेकिन कहीं यह कहीं चुनावी शगूफा न साबित हो ।
Source: navbharattimes

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